-
1732
छात्र -
1559
छात्राएं -
93
कर्मचारीशैक्षिक: 128
गैर-शैक्षिक: 153
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
विकास का महत्वपूर्ण मील का पत्थर यह विद्यालय 500 छात्रों के नामांकन के साथ 3 सेक्शन स्कूल के रूप में शुरू हुआ। 2004 में स्कूल में दूसरी पाली शुरू हुई। 2 शिफ्टों की कुल क्षमता लगभग 5500 के करीब है
16 जनवरी 1967 को केवी की आधारशिला लेफ्टिनेंट जनरल हरबख्श सिंह द्वारा रखी गई थी। 8 सितंबर...
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए।
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए।
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री वरुण मित्र
उप आयुक्त
शिक्षा सोच को आकार देती है, चरित्र का निर्माण करती है और राष्ट्र को मज़बूत बनाती है। तेज़ी से हो रही तकनीकी प्रगति और अभूतपूर्व बदलावों के इस दौर में, शिक्षा केवल ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं है; यह चरित्र, रचनात्मकता, क्षमता और संवेदना को विकसित करने का माध्यम है। केंद्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, उत्कृष्टता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ, एक प्रगतिशील, समावेशी और जागरूक भारत की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय विद्यालय हमेशा से ही सीखने, अनुशासन, विविधता और राष्ट्रीय एकता के जीवित उदाहरण रहे हैं, जहाँ पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति, टेक्नोलॉजी और जीवन-कौशल पर भी ध्यान दिया जाता है। हमारी कोशिश ऐसे नागरिक तैयार करने की है जो आत्मविश्वासी, संवेदनशील, मुश्किलों का सामना करने वाले, ज़िम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार हों। इस सोच को ध्यान में रखते हुए, हमारे विद्यालय, शिक्षा का ऐसा श्रोत हैं जहाँ बच्चे सवाल पूछतें है , प्रयोग करते है , नई चीज़ें खोजते है , मिलकर काम करते है और कुछ नया सिखते और बनाते हैं । नई टेक्नोलॉजी नन्ही सोंच को सीखने में मदद करती है और शिक्षक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते है जो शिक्षार्थी को ज्ञान और उनके सपनों को कामयाबी में बदलने के लिए प्रेरित करते है। शिक्षक भविष्य के निर्माता और बदलाव लाने वाले होते हैं। नई शिक्षा निति 2020 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनका लगातार प्रोफेशनल डेवलपमेंट, पढ़ाने का नया और अनोखा तरीका और हर सीखने वाले के प्रति समर्पण बहुत ज़रूरी है। जैसे-जैसे हम ‘विकसित भारत’ के विज़न की ओर बढ़ रहे हैं, आइए हम हर केंद्रीय विद्यालय को क्रिएटिविटी, अच्छे चरित्र और क्षमता का केंद्र बनाने का संकल्प लें, जहाँ हर बच्चा अपनी काबिलियत को पहचाने और हर शिक्षक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने में सक्षम हो। आइए, हम पूरे विश्वास, सहयोग और प्रतिबद्धता के साथ मिलकर एक ऐसा शैक्षिक माहौल बनाएं जहाँ हर सीखने वाला आगे बढ़ सके, हर प्रतिभा को निखरने का मौका मिले,हर सपने को सही दिशा मिले और वह सफलता के नए शिखरों को छुएँ। केन्द्रीय विद्यालय संगठन एक समृद्ध, प्रेरणादायी एवं समावेशी शिक्षण वातावरण प्रदान करता है, जहाँ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने, अपनी प्रतिभा को निखारने तथा ज्ञान, कौशल और मूल्यों से सुसज्जित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य को आकार देने के लिए निरंतर प्रेरित होते हैं। मैं, सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल एवं सार्थक भविष्य की हार्दिक मंगलकामना करता हूँ। वे लगातार सीखते रहें, आगे बढ़ें, बेहतरीन प्रदर्शन करें और देश के विकास में सार्थक योगदान दें। जय हिंद!
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डॉ सुमन लता
प्राचार्य
As one amongst you, I understand and appreciate the most difficult and challenging task ahead of us. Shaping the destiny of a child is a matter of great pride for each one of us. The main object of education is the establishment of a twofold harmony in every individual – harmony within his own self and harmony with other living beings in the world. So our goal has always been the personality enrichment through curricular and co-curricular activities. Teaching is much more than a career or a profession. It (teaching) is the most onerous responsibility of moulding and shaping a child into a responsible citizen. I am certain my students will become productive, Intelligent and honest citizen of society. The active participation and co-operation of parents would be extremely essential to achieve the desired results. We strive with in-dominate zeal to seek fresh vistas of excellence so as to enable our students to become self-restrained and come out with flying colours in the present age of competition. Dr. Suman Lata
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बाल वाटिका
बाल वाटिका कार्यक्रम को कक्षा 1 से पहले के बच्चों के लिए एक प्रारंभिक कक्षा के रूप में डिज़ाइन किया गया है |
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निपुण (समझदारी और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में दक्षता के लिए राष्ट्रीय पहल)
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
गुणवत्तापूर्ण शिक्षण समय की हानि की भरपाई के लिए एक व्यापक योजना।
अध्ययन सामग्री
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आगामी कार्यशालाएं और प्रशिक्षण
विद्यार्थी परिषद
विद्यालय छात्र परिषद के बारे में सब कुछ
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वर्षवार यू. डी. आई. एसई स्कूल रिपोर्ट
अटल टिंकरिंग लैब
विद्यालय में कोई अटल टिंकरिंग लैब नहीं है
डिजिटल भाषा लैब
30 कंप्यूटरों के साथ विद्यालय डिजिटल लैंग्वेज लैब
आईसीटी – ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
हमारे विद्यालय में स्मार्ट ई क्लास रूम
पुस्तकालय
हमारे विद्यालय की आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
अच्छी तरह से सुसज्जित प्रयोगशालाएँ
भवन एवं बाला पहल
स्कूल के बुनियादी ढांचे की समग्र योजना और उपयोग
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
खेल अवसंरचना के अंतर्गत विद्यमान सुविधाएं
एसओपी/एनडीएमए
मानक संचालन प्रक्रियाएँ और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन
खेल
शारीरिक परिश्रम और कौशल से युक्त गतिविधि
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
राष्ट्रीय कैडेट कोर छात्रों के लिए प्रशिक्षण शिविर
शिक्षा भ्रमण
बच्चों को एक अलग माहौल में एक-दूसरे के साथ समय बिताने का अवसर
ओलम्पियाड
ओलंपियाड परीक्षा एक प्रतियोगी परीक्षा के रूप में
प्रदर्शनी – एनसीएससी/विज्ञान/आदि
विशेष वस्तुओं के संग्रह के साथ एक संगठित कार्यक्रम देखा जा सकता है
एक भारत श्रेष्ठ भारत
ईबीएसबी के तहत संचालित गतिविधियां
हस्तकला या शिल्पकला
अपने हाथों से चीज़ें बनाने से जुड़ी गतिविधियाँ
मजेदार दिन
विभिन्न प्रकार के मनोरंजन और गतिविधियाँ प्रदान करने वाले संगठित कार्यक्रमों का दिन
युवा संसद
मॉक पार्लियामेंट सेट-अप और पार्लियामेंट प्रकार की बहस का प्रदर्शन
पीएम श्री स्कूल
भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रायोजित योजना
कौशल-शिक्षा
भारतीय युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाना और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना
मार्गदर्शन एवं परामर्श
परामर्श या अन्य समस्या-समाधान के माध्यम से किसी को मार्गदर्शन देने की प्रक्रिया
सामाजिक सहभागिता
समुदाय के कल्याण के लिए किसी संगठन में भागीदारी
विद्यांजलि
सामुदायिक और निजी क्षेत्र के माध्यम से स्कूलों को मजबूत करने का लक्ष्य
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उपलब्धियाँ
शिक्षक
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श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षा
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
वर्ष 2025-26
शामिल 295 उतीर्ण 295
वर्ष 2024-25
शामिल 257 उतीर्ण 257
वर्ष 2023-24
शामिल 220 उतीर्ण 220
वर्ष 2022-23
शामिल 244 उतीर्ण 244
वर्ष 2025-26
शामिल 242 उत्तीर्ण 239
वर्ष 2024-25
शामिल 207 उतीर्ण 207
वर्ष 2023-24
शामिल 222 उतीर्ण 220
वर्ष 2022-23
शामिल 293 उतीर्ण 264